Monday, February 26, 2024
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भारत बॉन्ड ईटीएफ में पैसा लगाने का आज आखिरी दिन, क्या निवेश करना होगा फायदे का सौदा?


हाइलाइट्स

यह भारत बॉन्ड ईटीएफ की चौथी किस्त है.
इसमें आपको करीब 7 फीसदी रिटर्न मिलेगा.
इस बॉन्ड की मैच्योरिटी डेट 18 अप्रैल 2023 है.

नई दिल्ली. सरकार के भारत बॉन्ड ईटीएफ के न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) की चौथी किस्त में निवेश आज यानी 8 दिसंबर, 2022 को बंद हो जाएगा. अगर आप इसमें निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले इसे अच्छे से समझ लें और यह जान लें कि इसमें निवेश के क्या फायदे हैं. इस बॉन्ड ईटीएफ के इंडेक्स को एएए-रेटिंग प्राप्त है जो दिखाता है कि क्या काफी स्थिर निवेश विकल्प है.

बात अगर रिटर्न की करें तो ऐसी सिक्योरिटीज में आमतौर पर 7.5 प्रतिशत तक का मुनाफा मिल जाता है. इसकी मैच्योरिटी डेट 18 अप्रैल 2033 है और मोडिफाइड ड्यूरेशन 6.66 साल है. इस पर आपको 6.9 फीसदी यील्ड मिलने का अनुमान है.

ये भी पढ़ें- बस इन बातों को बांध लें गांठ, पैसों के मैनेजमेंट और उसे बढ़ाने में नहीं होगी कोई परेशानी

लिक्विडिटी
आप एक्सचेंज पर किसी भी समय इसे खरीद-बेच सकते हैं. आप विशेष बास्केट साइज में इसे एएमसी के माध्यम से खरीद-बेच सकते हैं. इसलिए लिक्विडिटी के मामले में यहां कोई परेशानी नहीं नजर आती है.

लागत और टैक्स
इसका एक्सपेन्स रेश्यो 0.0005 फीसदी है. यानी इसकी कॉस्ट बहुत कम है. इसलिए आपको रिटर्न को अधिक-से-अधिक बढ़ाने का मौका मिल जाता है. वहीं, टैक्स की बात करें तो अन्य पारंपरिक निवेश विकल्पों के मुकाबले यह अधिक टैक्स इफीशिएंट है. यहां फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है इसलिए किसी भी लाभ पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा. यह लॉन्ग टर्म होगा या शॉर्ट टर्म ये इस बात पर निर्भर करेगा कि आप इसे 3 साल से कम के लिए अपने पास रखते हैं या अधिक के लिए. 3 साल से अधिक रखने पर 20 फीसदी टैक्स लेगा. अगर उससे पहले बेचा जाता है तो निवेशक जिस टैक्स स्लैब में आता उसी के आधार पर टैक्स देना होगा.

एक्सपर्ट ओपिनियन
क्लियर के संस्थापक अर्चित गुप्ता बताते हैं कि इस पर बॉन्ड की तरह ही टैक्स लगेगा. उन्होंने कहा कि अगर 36 महीने तक इसे रखा गया तो इसे आयकर विभाग लॉन्ग टर्म एसेट की तरह देखेगा. ऐसी सूरत में आपको इंडेक्सेशन बेनिफिट मिल जाएगा. लॉन्ग टर्म गेन पर 20 फीसदी टैक्स लगता है जिसमें सेस और सरचार्ज ऊपर से लगाए जा सकते हैं. लॉन्ग टर्म गेन के लिए सेक्शन 54एफ में छूट दी गई है. उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म गेन में टैक्स निवेशक के स्लैब पर निर्भर करेगा. इसके ऊपर सेस या सरचार्ज लगाया जा सकता है.

Tags: Business news, Business news in hindi, Government bond yields, Investment and return



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