Saturday, March 2, 2024
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2023 में भी मिलेंगे कमाई के मौके, निवेश के लिए जोड़ लें पैसा, नये साल में आ रहे हैं 89 नए आईपीओ


हाइलाइट्स

2023 में आने वाले आईपीओ को SEBI से हरी झंडी मिल गई है.
2021 में कुल 63 फर्मों ने भारत में आईपीओ के माध्यम से 1.19 खरब रुपये जुटाए.
इस साल नवंबर तक 33 कंपनियों ने 55,145.80 करोड़ रुपए जुटाए हैं.

मुंबई. 2022 में भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ के जरिए निवेशकों ने खूब पैसे बनाए और अब अगले साल 2023 में भी उन्होंने कमाई के ऐसे और मौके मिलेंगे. क्योंकि नए साल की शुरुआत में कई IPO बाजार में सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध होंगे. प्राइमडेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 89 कंपनियां 2023 में लगभग 1.4 खरब रुपये जुटाने के लिए दलाल स्ट्रीट पर दस्तक देंगी.

2021 में कुल 63 फर्मों ने भारत में आईपीओ के माध्यम से 1.19 खरब रुपये जुटाए, जबकि 2022 में नवंबर तक 33 कंपनियों ने 55,145.80 करोड़ रुपए जुटाए हैं. यहां उन कंपनियों के नाम हैं जिन्हें आईपीओ के लिए सेबी से हरी झंडी मिल गई है और अब अप्रूवल का इंतजार है.

कुछ आईपीओ ने दिए तगड़े रिटर्न्स
कुछ फंड मैनेजरों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में आईपीओ ने उन्हें अल्फा जेनरेट करने में मदद की है. भारतीय बाजार समय के साथ नई ऊंचाईयों को छू रहे हैं. IDFC म्यूचुअल फंड के अनूप भास्कर ने मनीकंट्रोल के म्यूचुअल फंड समिट में बताया कि “पिछले कुछ वर्षों में बाजार बहुत सपाट हो गए हैं. अब एचडीएफसी जैसे बैंक को खोजना आसान नहीं है जैसा कि हमने 2008 में किया था.” लेकिन दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ सालों में आईपीओ में अल्फा जेनरेशन आया है.

ये भी पढ़ें- अगले हफ्ते खुलेगा Elin Electronics का IPO, यहां चेक कर सकते हैं सभी डिटेल

दरअसल म्यूचुअल फंड में ‘अल्फा’ निवेश के प्रदर्शन को परखने का महत्वपूर्ण पैमाना है. अल्फा को समझकर यह पता लगाया सकता है कि किसी स्कीम में निवेश कितना बढ़िया है. पिछले कुछ आईपीओ में अल्फा जनरेशन काफी अच्छा रहा है. हालाँकि, फिर भी कुछ निवेशक अब आईपीओ में निवेश करने से हिचकिचाते हैं, क्योंकि पेटीएम, पॉलिसी बाजार और जोमैटो समेत कुछ लिस्टेड कंपनियों के शेयर उनके आईपीओ प्राइस से नीचे ट्रेड कर रहे हैं.

क्या होता है IPO?
आईपीओ का मतलब Initial Public Offering होता है. जब भी कोई कंपनी पहली बार पब्लिक को अपने शेयर ऑफर करती है तो इसे IPO कहा जाता है. देश में तमाम प्राइवेट कंपनियां सक्रिय हैं, जब इन कंपनियों को फंड की जरूरत होती है तो ये खुद को स्‍टॉक मार्केट में लिस्‍ट करवाती हैं.

हर कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होने से पहले आईपीओ लेकर आती है. आईपीओ सब्सक्रिप्शन के बाद कंपनी मार्केट में लिस्‍ट हो जाती है. इसके बाद निवेशक कंपनी के शेयर को खरीद और बेच सकते हैं.

Tags: BSE Sensex, Business news, IPO, Nifty50, Stock market



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